Followers

Sunday, October 9, 2022

महामारी की लहर !

महामारी की लहर  !
महामारी की लहर असर कर गई है 
दौड़ती भागती जिंदगी एकदम से थम गई है
पर कहीं जिंदगी की नई शुरुआत भी हुई है

जो कल तक काम करने से कतराते थे
ये अपना काम नहीं, कहकर चले जाते थे
वे आज मदद के लिए हर पल तैयार है
हर काम के प्रति मिट गई अब भेदभाव की दिवार है 

कोई रसोई में तो कोई सफाई में हाथ बंटा रहे है
घर और ऑफिस के काम में संतुलन बना रहे हैं 
और गर्व से वीडियो शेयर करके
अपने आप पर इठला रहे हैं

जो ऑफिस के काम में पूरी तरह डूब चुके थे
अपने बच्चों की कक्षा और उम्र भी भूल चुके थे
वे आज अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के इर्द गिर्द बीता रहे हैं
कभी चेस, कभी लुडो तो कभी ताश की बाजी लगा रहे हैं

कोई अपना शौक पूरा कर रहा है
किसी के अंदर छुपा हुआ हुनर बाहर निकल रहा है
बरसों बाद फिर परिवार की महफिल सजी है
अपनों के बीच जिंदगी आज फिर से खुलकर हँसी है


ये भी हकीकत है कि इस वक़्त के चित्र है भिन्न - विभिन्न 
कोई समय के रंगों में रंग गया है 
तो किसी का जीवन  हताश और खिन्न रह गया है 
पर ये भी वक़्त का तकाजा है 
जो बदल रहा हर पल हर क्षण 
संयम और धैर्य की परीक्षा है 
जिसने समझ लिया वही हो जाएगा उत्तीर्ण 



अलका डांगी