हाँ, हम संस्कारों की बातें करते हैं
रीति - रिवाजों का अनुसरण करते हैं
पर सही - गलत का भेद भी समझते हैं
समय के परिवर्तन में हम भी ढलते हैं
कुछ रूढी कुछ परंपरा से हम भी बाहर निकले हैं
तो नई पीढ़ी, नए युग के साथ कुछ कदम हम भी चले हैं
हमने जो देखा - सीखा, उसका कुछ तो असर हम पर रहेगा
कुछ हम बदले हैं तो कुछ तुमको भी बदलना होगा
नई पीढ़ी
हाँ, हम बहुत बदल गए हैं
रीति- रिवाज और रस्मों से आगे निकल गए हैं
ये बात और है कि हम नई सोच नई तकनीक में जीते हैं
आधुनिक युग के साथ कदम मिलाकर चलते हैं
पर जिन संस्कारों के साथ हम पले - बढ़े हैं
उनका सम्मान हम आज भी करते हैं
यदि आप हमारे उज्जवल भविष्य के लिए बदल सकते हैं
तो आपका सिर सदा गर्व से ऊंचा रहेगा
ये वादा हम भी आपसे करते हैं
अलका डांगी