एक सफर ये भी...
housewife से homemaker हो गई
हुनर तो housewife में भी कमाल थे
पर अपने हक और अधिकार की रक्षा की खातिर
caretaker से moneymaker हो गई
स्वेच्छा से पिया घर का ख्वाब सजाने गई थी
त्याग और समर्पण की कदर न हुई तो
अपनी काबिलियत का डंका बजाकर daydreamer से entrepreneur हो गई
परिवार की खुशी में ही खुश और संतुष्ट थी कभी
अब हर field में achiever और थोड़ी selflover हो गई
बेचारी तो वो कभी भी नहीं थी
पर वक़्त और हालात के साथ-साथ
थोड़ी better और go-getter हो गई
अलका डांगी