पर कहीं जिंदगी की नई शुरुआत भी हुई है ।
कुदरत का करिश्मा , प्रकृति के नियम
सब के अपने मह्त्व समझ आने लगे हैं
दूर होकर गुमसुम हो गए थे जो,
वो रिश्ते फिर मुस्कराने लगे हैं
कुछ गलत हुआ तो कुछ अच्छी बात भी हुई है
कहीं जिन्दगी की नई शुरुआत भी हुई है ।
नेकी और दरियादिली बन्द दरवाजों की कैद से
खुलकर बाहर आने लगे हैं
सो रहे थे जिनके ज़मीर, वो भी
इन्सानियत और मानवता का परचम लहराने लगे हैं
देर से ही सही आदमी को अपनी पहचान हुई है
कहीं जिंदगी की नई शुरुआत भी हुई है ।
ये वक़्त का तकाज़ा है जिसमें उलझे हैं हम सभी
समय के साथ समझदारी से फिर सुलझने लगे हैं
संयम और आत्मविश्वास के साथ दिलों में
आशा के अखण्ड दीपक फिर जलने लगे हैं
साहस और मजबूत इरादों की सदा जीत हुई है
कहीं जिंदगी की नई शुरुआत भी हुई है ।
इस वक़्त ने इन्सान को कई नित नई राह भी दिखाई है
जीवन जीने की कई अद्भुत कला भी सिखाई है
हाँ ! लड़खड़ा गई थी जो जिंदगी,
फिर नए जज़्बे के साथ खड़ी हुई है
और जिन्दगी की नई शुरुआत हुई है ।
अलका डांगी
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