बच्चे और ये बचपन
कितना सरल होता है इनका जीवन
रोते हैं तो पल में हँस जाते हैं
रूठते हैं तो जल्द मन जाते हैं
टूटे हुए दिलों को जोड़ देते हैं
चंचल, चुलबुले अंदाज से
चेहरों पर मुस्कान दे जाते हैं
कितना कोमल होता है इनका मन
कितना सरल होता है इनका जीवन
अमीर - गरीब में फर्क नहीं करते
ऊँच - नीच का भेद नहीं समझते
सबके संग घुल मिल जाते हैं
सच्ची - सीधी बात करते हैं
हर बात में नई बात सीखा जाते हैं
कितना निर्दोष होता है इनका हर कथन
कितना सरल होता है इनका जीवन
कभी शरारत कभी बाल हठ करते
लड़ते झगड़ते पर छल कपट नहीं करते
अपने हाल में मस्त रहते
सही मायने में जीवन जीते
जीने के कई पाठ पढ़ा जाते हैं
कितना लुभाता है इनका मस्त मौला पन
कितना सरल होता है इनका जीवन
अलका डांगी
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