उसकी न कोई सीमा न कोई हद्द होती है
दिल में यदि ग़र ये चाहत होती है
उसे पूरा करने के लिए बेइंतहा मेहनत होती है
और वो भी बेहिसाब, बेहद होती है
संघर्ष करके ही तो आखिर
मंजिल हासिल होती है
जिसे पाने के लिए ये सारी
जद्दोजहद होती है
उसे पूरा करने की
खुशी भी अनहद होती है
क्यूँ कि कुछ कर गुजरने की
मन में जिद्द होती है
अलका डांगी
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