प्रेम
प्रेम बलिदान है, और प्रेम ही शक्ति है
प्रेम मन का सुख है, प्रेम ही मन का चैन
प्रेम किसी का मोहताज नहीं, प्रेम तो है ईश्वर की देन
प्रेम प्रेरणा है, प्रेम ही समर्पण
प्रेम की कोई परिभाषा नहीं, प्रेम है नित्य नव - सृजन
प्रेम का कोई रूप नहीं, प्रेम मन का मीत है
प्रेम हर दिल में बसता है, प्रेम ही जीवन संगीत है
प्रेम बाँटने से बढ़ता है, प्रेम जीने का सहारा है
प्रेम अपने दिल में बसा दो , फिर हर दिल पर राज तुम्हारा है!!
अलका डांगी
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