है ये जिन्दगी का इम्तिहान
हर हाल में जीत कर दिखायेंगे
माना कि ये जंग नहीं आसान फिर भी
सब्र और संयम की ढाल अपनाकर
हर हालात पर काबु पाएँगे
एक - दूसरे का रखते हुए ध्यान
मदद के हाथ भी आगे बढ़ायेंगे
एकता की देते हुए पहचान
अपने - पराये, हर रिश्तों को और भी मजबुत बनाएँगे
नतीजों से हो भले सब अनजान
अपने प्रयत्नों में कमी नहीं लाएँगे
किसी के जीवन में भरेंगे मुस्कान
किसी की चिंता और मायूसी दूर भगाएंगे
अग्रणी कार्यकर्ताओं को देते हुए सम्मान
हौसले उनके और बढ़ाएंगे
दूर हो जाएगी जीवन की ये थकान
अगर किसी का जीवन हम उज्जवल कर पाएँगे
ईश्वर का है अगर ये फरमान
अंधेरे में रोशनी भी वो ही दिखाएंगे
हर दिल का पूरा होगा अरमान
नई आस के साथ फिर चैन और सुकून की जिंदगी बिताएंगे
अलका डांगी
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