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Sunday, March 17, 2024

वोट. !!

वोट 

कहीं धर्म के नाम पर सियासत 
तो कहीं पार्टी बदलकर हुकूमत के लिए हो रही कवायद 
कहीं इतिहास के पन्ने पलटे जा रहे हैं 
कहीं आरोप प्रत्यारोप मढ़े जा रहे हैं 
सदियों पुरानी हरकतों पर  आज फिर सवाल किए जा रहे हैं 
ज़ख्म जो भर  चुके थे उन्हें कुरेद कर अपने स्वार्थ साधे जा रहे हैं 
वोट की राजनीति से है सभी को मतलब 
आखिर आम आदमी से किसीको क्या निस्बत 

कहीं पर तानाशाही और कूटनीति जैसी नागवार हरक़त 
और कहीं प्रचार - प्रसार और सोशल मीडिया के  प्रयोग से निरंतर पा रहे बरकत 
नजरअंदाज  करते करोड़ों लोगों की मुश्किलें अनेक 
पकड़ जब रखते हैं सिर्फ अपने  मतलब का मुद्दा एक 
खिलाफ़त की  भी कोई  कर नहीं सकता जुर्रत 
कि हुकूमत के लिए आपस में जुड़ जाती है कई सारी ताकत 

खैर इसका भी एक दिन होगा अंत जरूर 
टूट जाता है एक दिन झूठा अहम और गुरूर 
ये राजनीति है आज इधर तो कल उधर 
कुर्सी के नशे में है अभी सब चूर 
और किसी पर वफादारी का छा रहा सुरूर 
देशभक्ति का वास्ता देकर हो रहा हर कोई मगरूर 
कौन कितना पानी में ये तो आने वाला वक़्त बतायेगा 
बस हमारी स्वतंत्रता और आजादी पर आँच न आने पाए 
इसलिए सोच समझकर अपना कीमती वोट देकर जरूर आइएगा 

अलका डांगी 














 












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