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Thursday, April 10, 2025

मेरे  प्रभु महावीर  !

मेरे तन-मन में बसे महावीर 
मेरे रग-रग में  बसे महावीर 
सच्चे धर्म की राह दिखाने वाले 
आत्मा की पहचान कराने वाले 
उपकारी प्रभु के ऋणी हैं 
जिनने प्रकाश देकर दूर किया तिमिर 
अहिंसा का प्रचार बढ़ाने वाले
अनेकांतवाद का रहस्य समझाने वाले
केवलज्ञानी प्रभु ने ज्ञान कराया
कि आत्मा शास्वत और नश्वर है शरीर
अब उनकी वाणी को आत्मसात करना है 
परमात्मा का दर्शन साक्षात करना है 
तन-मन-धन से प्रभु भक्ति में होकर तल्लीन 
धर के संयम और धीर 
मेरे तन-मन में बसे महावीर 
मेरे रग-रग में बसे महावीर 

अलका डांगी 










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