राजनीति के लिए आदमी अपना जमीर भी भूल जाता है अपने अहम की संतुष्टि के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है , जब राजनीति का भूत सवार हो तो सही - गलत , अपना - पराया कुछ नहीं दिखता बस किसी तरह अपना मतलब और स्वार्थ सिद्ध करने की धुन उसके सर पर सवार हो जाती है | राजनीति करने वाले जब किसी को अपना मोहरा बनाकर अपनी चाल चलते हैं और उसका इस्तेमाल करते हैं तब आदमी बुरी तरह प्रभावित होता है और कभी-कभी लाचार हो जाता है इसलिए ऐसे लोगों से बहुत संभलकर और सजग रहना आवश्यक है |
राजनीति सदियों से चली आ रही है और चलती रहेगी |
आप राजनीति करने वालों को रोक तो नहीं सकते परंतु जीवन में उनसे दूर रहने और अपने आपको उनका मोहरा बनकर इस्तेमाल होने से बचाने का प्रयत्न जरूर कर सकते हैं |
अलका डांगी