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Tuesday, August 6, 2019

मेरा देश - मेरा अभिमान

मेरे देश की है अलग पहचान
कोई सानी नहीं पुरी दुनिया में इसके समान
संस्कृति के खजाने से भरपुर
जैसे चमकता है हमारा कोहिनूर
भाँति - भाँति के लोग यहाँ
भिन्न - भिन्न है सबकी भाषा
अपना अपना परिवेश है
अंदाज है सबका हटके जरा सा
क्रिसमस, पोंगल, ईद या हो बैसाखी
हर इंसान उत्साह से मनाता यहाँ
होली, दिवाली और राखी
यहाँ की मिट्टी में मिला है
प्रेम, अपनत्व और भाईचारा
चाहे कोई जाति या मजहब
मुसीबत में बनते इक दूजे का सहारा
हर व्यक्ति अपनी जड़ों से जुड़ा है
देश, दुनिया में कहीं भी हो ठिकाना
नाज़ है हमें इसके अद्भुत सौंदर्य पर
इसकी छवि से मुग्ध है सारा ज़मानाा !! 

अलका डांगी