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Sunday, March 21, 2021

कविता

हर कवि की रूह होती है कविता
मन की भावना और कल्पना की छवि होती है कविता
कुछ कहे कुछ अनकहे शब्दों में जान भरती है
और दिल के झरोखों से उड़ान भरती है कविता
कभी प्रेमिका तो कभी बागी बनती है 
अपने तजुर्बे से महान बनती है कविता 
कोई प्यार से अपनाए चाहे कोई ठुकराए
दिलों में फिर भी जवान रहती है कविता 
चाहे भक्ति कहो चाहे कहो इसे शक्ति
अंतर्मन में नित्य चलने वाली कश्ती है कविता
जीवन का सार है, कभी तकरार है, मन की पुकार है, 
हर वक़्त हृदय में जिसके बहती है कविता 

अलका डांगी 

 




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