ख्वाहिशों को पर लगाकर
सपनों को पूरा करो
मेहनत और पुरूषार्थ से
अपनी मंज़िल हासिल करो
रोकने टोकने वाले कठिन बनाएंगे सफर
चाहने वाले बनेंगे मिल का पत्थर
बिना रुके, बिना डरे आगे बढ़ो
मेहनत और पुरुषार्थ से अपनी मंज़िल हासिल करो
झूठ, बेईमानी और लालच
सफर में साथ देने के लिए उकसाएंगे
सच्चाई और ईमानदारी मंजिल पहुंचने पर सुकून दिलाएंगे
हौसले बुलंद कर, खुद पर विश्वाश रखो
आदर्श बनकर सबका दिल जीतो
मेहनत और पुरूषार्थ से
अपनी मंज़िल हासिल करो
अलका डांगी
1 comment:
Very inspiring 😊
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