आँसू भर आए इन आँखों में
जब धन्यवाद की गूँज थी हर झरोखों में
कर्मवीरो की कर्तव्यनिष्ठा को करते हम सभी सलाम है
जान हथेली पर रख कर एकजुट करते ये जब अपने काम है
इनका भी तो कोई परिवार है
फिर भी हर वक़्त सेवा में रहते ये तैयार है
अपने कर्म के प्रति सदा जिम्मेदार है
इनकी जितनी हौसला अफजाई की जाए उतनी ही कम है
ये सभी आम इंसान सही पर कुछ खास है
इनसे ही सुरक्षित हर ज़नजीवन हर श्वास है 🙏🙏
अलका डांगी
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