पाक कला
कभी सीखते कभी सीखाते
अपने हुनर और काबिलियत से
रसोई में चार चांद लगाते
कभी बिगड़ी भी बना देते तो कभी
बनाते बनाते नए पकवान की खोज कर जाते
ये कभी रसोई के राजा - रानी, तो कभी मास्टर शेफ कहलाते...
अपनी पाक कला और हौसला अफजाई से
रसोई की बढ़ा दी है शान
छोटी छोटी ट्रिक्स हो या टिप्स
समझाते हुए बना दिया हर व्यंजन आसान
पाक कला को रूचिकर बनाया इतना कि
रसोई बनाने में रम गए अब बच्चे बूढे और जवान
घर की लाजवाब रसोई और होटल का लज़ीज़ खाना
कोई नहीं है अब इनके राज से अनजान
चाहे शौकिया बनाए चाहे बनाए मनपसंद खान पान
अपने हाथों से बनाने का लुत्फ उठाकर
अब घर घर बनने लगे सारे स्वादिष्ट पकवान...
अलका डांगी
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