मूक रहकर मत करो स्वीकार
आवाज उठाओ, न घबराओ, चाहे तो चीखो
बस एक बार निडर होकर 'ना' कहना सीखो.!
अजनबी हो या हो कोई रिश्तों से जुड़ा रिश्तेदार
चुपचाप जुल्म सहन कर लो इतने भी न बनो लाचार !
देखा - अनदेखा मत करो, मत सहो, आगे बढ़ो
बस एक बार निडर होकर ' ना.' कहना सीखो !
सीमा - मर्यादा की रेखा कर रहा है ग़र कोई पार
निःसंकोच उठा लो तुम भी अपना हथियार
बुराई और कपट के खिलाफ लड़ों, मत झुको
बस एक बार निडर होकर ' ना ' कहना सिखों.!
अलका डांगी
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