हिन्दी -हमारी पहचान !
राष्ट्र का सम्मान है हिन्दी
हमारी पहचान है हिन्दी
संस्कृति का अनमोल खजाना है
भारत की आन - बान और शान है हिन्दी !
स्वर और व्यंजन से जुड़कर निखर जाती
हर शब्द की गरिमा और बढ़ाती
कभी कठिन कभी सरल बन जाती
आपसी सामंजस्य द्वारा सब में घुलमिल जाती हिन्दी
इसकी सरलता पर हमें गुमान है
भारत की आन-बान और शान है हिन्दी !
प्रेम और आदर सत्कार की भाषा है हिन्दी
छोटे-बड़े हर संबंध को मधुर बनाकर
दिलों में प्यार का दीप जलाती है हिन्दी
भाषा का गौरव बरकरार रखती है हिन्दी
आर्य संस्कृति का प्रतीक कहलाती है
अजनबी का भी सत्कार करती है हिन्दी !
इसकी उन्नती के लिए तन-मन कुर्बान है
भारत की आन-बान और शान है हिन्दी !
अलका डांगी