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Saturday, June 19, 2021

पिता!!

पिता की छवि जैसे आसमान में जगमगाता रवि
अटल, अविचल,अपनी हर किरण से जीवन में भर देते रंग कई 
ऊर्जा के स्त्रोत , जीवन ज्योत , जिम्मेदारी से ओतप्रोत  
सुरक्षा कवच बनकर हिफाजत करते परिवार के हर सदस्य की 

वो हौसला बढ़ाते , मार्ग दर्शक बन जाते कभी 
सहारा है जीवन की हर मुश्किल घड़ी में भी 
बच्चों का भविष्य उज्ज्वल करने में दाँव पर रख देते अपनी जिंदगी 
परिवार और बच्चों की खुशी से ही जुड़ी है उनकी सारी खुशी 

वो सख्त नजर आते हैं पर असल में होते नहीं 
हर कार्य सुचारू रूप से चलता रहे 
इसलिए बंद दरवाजे में रखते हैं अपने दुःख दर्द और भावनाओं को भी 
उनके चेहरे की झुर्रियां बयान कर देती है जीवन की थकान सभी 

वो जीवन दाता भी है , हमारी प्रेरणा भी 
उनसे ही जुडी है हमारी रोम-रोम और अस्तित्व की हर कड़ी 
दुख-दर्द और पीड़ाएं सब कम हो जाती है उनके होने के एहसास भर से ही 
उनकी छत्रछाया सुरक्षित रखती जीवन में आए धूपछाँव कितने भी 
उनकी ख़ुशी और मुस्कान कायम रखना 
इससे बड़ा और कोई फर्ज और कर्तव्य नहीं 
कि ऋण नहीं चुका सकते चाहे न्यौछावर कर दे उनपर जीवन की सारी  धन-संपत्ति 


अलका डांगी 








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