छोटे - बड़े, जहाँ करते सभी इक - दूजे का सम्मान है
बड़ों का बड़प्पन, छोटों का मस्त-मौलापन
हर दिल के अरमान रखता जवान है
सलाह - मशवरा और परामर्श से
मिल जाता हर मुश्किल का समाधान है
सुख - दुख में साथ खड़े होकर
मिट जाती जीवन की थकान है
बुजुर्गों का तजुर्बा, जवाँ दिलों का नजरिया
मिलकर बना देते हर कार्य आसान है
आपसी टकराव हो या हो मनमुटाव
फिर भी सदा रखते एक - दूसरे का ध्यान है
इसके जैसा जीवन में है नहीं कोई बन्धन
परिवार से जुड़कर ही बनती सबकी पहचान है |
अलका डांगी