आमची मुंबई !
किसीकी जन्मभूमि है किसी की कर्म भूमि
किसी ने इसे अपनाया
किसी ने ठुकराया
इसके जैसी जिंदादिल वाली नहीं और कोई
ये है हमारी अपनी - "आमची मुंबई"
देश की आर्थिक राजधानी है
गगनचुम्बी इमारतों और झोपड़पट्टीयों के आपसी सामंजस्य की निशानी है
अरब सागर जैसे विशाल दिल में समा जाता है हर कोई
ये तो है हमारी अपनी - "आमचीमुंबई"
दंगों ने इसका दिल बहुत धड़काया
बॉम्ब विस्फोटों से धरती पर हड़कंप मचाया
अपने - परायों का भेद दिखाकर खूब डराया
फिर भी इसकी आत्मा डगमगा न सका कोई
ये तो है हमारी अपनी - "आमची मुंबई"
कुदरत के प्रलय और कहर से जूझ चुकी है
बीमारी महामारी से लड़कर फिर ऊपर उठी है
राजनीति की शिकार होकर भी कभी नहीं झुकी है
इसकी उन्नती प्रगति से जुड़े कदरदान कई
ये तो है हमारी अपनी - "आमची मुंबई "
सिनेजगत से अपनी अलग पहचान बनाई
उद्योगपतियों ने इसकी शान और बढ़ाई
हर व्यक्ति के कार्य को महत्ता दिलाई
चाहे टैक्सी, ठेला या फिर डब्बे वाला क्यूँ न हो कोई
ये तो है हमारी अपनी - "आमची मुंबई"
मायानगरी कहलाई जाती है इतना इसका आकर्षण
एक बार देखने की तमन्ना रहती सभी के अंतर्मन
सिद्धिविनायक और महालक्ष्मी के आशीर्वाद से हर पल निखर जाता यहाँ का जनजीवन
इसके दरियादिल में बसना चाहता हर कोई
ये तो है हमारी अपनी - "आमची
मुंबई "
अलका डांगी