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Friday, November 8, 2024

एक बेहतरीन कल. !

विकट परिस्थितियाँ 
कशमकश की घड़ियाँ 
उलझती जिंदगियां
               इसका भी कोई हल होगा 
               एक बेहतरीन कल होगा 
अपनों से दूरियाँ 
रिश्तों की मजबूरियाँ 
दिलों की सिसकियाँ 
               कहीं किसी का कोई संबल होगा 
               एक बेहतरीन कल होगा 
हालातों की जुड़ती कड़ियाँ 
जज्बातों को बाँधती बेड़ियाँ 
प्रश्नों की उलझती लडियाँ 
               सुलझाने के लिए मन निश्चित ही प्रबल होगा 
               एक बेहतरीन कल होगा 
परमात्मा से नजदीकियां 
श्रद्धा और भक्ति की नैया 
एक ही है सबका खिवैयाँ 
             जिससे खत्म अंदर का कोलाहल होगा 
             एक बेहतरीन कल होगा 

अलका डांगी 

Tuesday, August 13, 2024

युवा !!


युवा  !

युवा हो तुम 
gen Z कहलाते हो
हर नई technology अपनाते हो
online और work from home का culture समझाते हो 
millennials से मेल खाते हो  
फिर भी कइयों को कम समझ आते हो 
ऐसा अनोखा ज़ज्बा हो तुम 
युवा हो तुम 
multicuisine से  भले लगाव है 
घर के खाने के भी  उतनी ही चाह है 
fitness routine और diet plan से चलते हो 
अपनी health के लिए भी सजग रहते हो 
अपनी अलग दुनिया में भले जीते हो तुम 
संस्कृति की जड़ों को फिर भी सींचते हो तुम 
युवा हो तुम 
practical और rational thinking है तुम्हारी 
परिवार और समाज के प्रति फिर भी समझते हो अपनी जिम्मेदारी 
दुनिया explore करने अकेले चल पड़ते हो 
social networking से सबसे जुड़े रहते हो 
update रहकर देश और समाज को modernisation का महत्व समझाते हो तुम 
शिक्षा ही नहीं हर field में champion रहना चाहते हो तुम 
युवा हो तुम
धर्म-अध्यात्म और विज्ञान को जोड़कर समझते हो 
अंधश्रद्धा और अंधविश्वास नहीं अपनी समझ की दृष्टि से देखते हो 
ऊँच-नीच का भेद मिटाकर हर field में समानता की मिसाल पेश करते हो 
show-off छोडकर सादगी से रहना पसंद करते हो  
बिना किसी गुरूर के मस्तमौला जीवन जीते हो तुम
हमें नाज़ है ऐसी विरल पीढ़ी हो तुम 
युवा हो तुम 

अलका डांगी 











Wednesday, July 17, 2024

जीवन की रीत !!

स्वीकार करना , आगे बढ़ना ही जीवन की रीत है 

इंसान की प्रकृति को 
हर समुदाय की संस्कृति को 
बदलाव की प्रवृत्ति को 
उभरती नौजवान पीढ़ी की वृत्ति को 
आवकार देना ही सच्ची प्रीत है 

स्वीकार करना ,आगे बढ़ना ही जीवन की रीत है 

अपनी बदलती तकदीर को 
नियति की बनाई तस्वीर को 
जैसे प्रकाश वैसे  ही तिमिर को 
बसंत के बाद शिशिर को  
अपनाकर समय के साँचे में ढलना ही समझ की नीत है 

स्वीकार करना , आगे बढ़ना ही जीवन की रीत है 

सुख - शान्ति भरे संसार में 
अचानक उठते तुफान को 
स्वस्थ जीवन में घुसपैठ करती 
बीमारियों के घमासान को 
हर कदम पर परीक्षा लेती 
चुनौतियों के आह्वान को 
सूझ-बूझ की ढ़ाल से डटकर सामना करने में ही संयम की जीत है 

स्वीकार करना , आगे बढ़ना ही जीवन की रीत है 

अलका डांगी 

Saturday, June 15, 2024

पापा. !!

यह पापा न ,  बड़े ही होशियार होते हैं 
ना बताते हैं ना जताते हैं. ,  
बस अनजान बनकर सबका ध्यान रखते हैं 
नेपथ्य में खड़े खड़े सबके सपनों को आकार देते हैं 
बस अपनी ही ख्वाहिशें को दरकिनार करते हैं 
यह पापा न बड़े  ही होशियार होते हैं 

परिवार के हर सदस्य को आत्मनिर्भर बनाने का निरंतर प्रयत्न करते हैं 
फिर भी अपने ही कंधों पर सब के सुख दुःख की जिम्मेदारी का बोझ लेकर फिरते हैं 
अपने मस्त मौला स्वभाव और दिलदारी से सभी के दिलों पर राज करते हैं 
और अपनी ही भावनाओं को सबसे छुपा कर दिल के किसी कोने में रखते हैं 
यह पापा न बड़े ही होशियार होते हैं 

सब की चिंता में स्वयं का जीवन दाँव पर रखते हैं 
आदर्श बन कर फिर भी मिसाल कायम करते हैं 
कभी सख्त बनकर फैसले लेते हैं 
तो कभी अपने कोमल मन से लाचार होते हैं 
कभी दोस्त बनकर साथ चलते हैं 
तो कभी बच्चे बनकर माहौल हल्का करते हैं 
परिवार की खुशी के लिए नित नए रूप धरते हैं 
दिन रात एक कर अपने आशियाने की हिफाजत करते हैं 
यह पापा न बड़े ही होशियार होते हैं 

मां की ममता , त्याग , समर्पण की तो हम सदा ही बात करते हैं 
और यह पापा न बिना सहानुभूति  , बिना प्रशंसा पाए ही पूरा जीवन निस्वार्थ भाव से जी कर मुस्कराते रहते हैं 
यह पापा न बड़े ही होशियार होते हैं

अलका डांगी 



Friday, June 14, 2024

पति देव !!

आज कलम उठाई तो पतिदेव पर कविता बनाई... 😀 

उनपर भी कविता लिखूँ कभी
ये थी उनकी फर्माइश
पर वो तो स्वयं भगवान की अद्भुत रचना है 😀
ये तो उनको ही समझना है 
फिर भी उनके बारे में लिखकर करती हूँ पूरी उनकी ये ख्वाहिश 

सीधे - सरल (उतने भी नहीं 😉) 
हैं दिल के नेक 
नाम है जिनका विवेक 
हँसना, हंसाना, जिंदादिली है उनकी पहचान 
मस्ती मज़ाक से जुड़ी है उनकी हस्ती, बहुत विरले हैं उनके समान 

माता पिता उनके भगवान हैं 
पूरे परिवार में बसी है उनकी जान 
मित्रों के बिना अधूरा उनका जीवन 
इन सभी की खुशी में खुश रहता उनका मन 

मेहनत और लगन से अपनी पहचान आप बनाई 
परिवार और मित्रों में अपनी शान बढ़ाई 
देव, गुरु, धर्म में रखते श्रद्धा अपार 
जिनके आशीर्वाद से खुलते गए कामयाबी के हर द्वार 

आप सदा यूँ ही मुस्काते रहें 
सभी के जीवन में हँसी बिखराते रहें 
आपके जन्‍मदिन पर स्वस्थ और सफल जीवन की शुभकामना करते हैं 
खुशियाँ सदैव आपके कदम चूमें 
यही चाह रखते हैं... 🙏🙏😀

               ❤️अलका डाँगी❤️

Monday, April 8, 2024

स्वस्थ जीवन

स्वस्थ जीवन. !!

कभी intermittent तो कभी keto फास्टिंग 
कभी diet plan तो कभी calories counting
health के लिए सब कुछ apply और try करते हैं 
कभी protein  bar तो कभी protein powder 
विदेशी खाद्य पदार्थ और जीवन शैली 
healthy रहने के लिए superfood हमें आकर्षित करते हैं कभी सब कुछ आजमा कर भी हार जाते हैं 
तो कभी superfit and Healthy का खिताब हासिल करते हैं 
फिर भी खुश नहीं  , हर दिन weighing scale पर चढ़ते हैं 
लाखों advise देते हैं लाखों follow करते हैं 
और फिर भी anxiety और depression में जीते हैं 

पर स्वस्थ जीवन की यह भी एक पहचान  --

अपनी संस्कृति ,  मौसम और तासीर अनुकूल सादगी भरा खान-पान 
स्वयं से प्रेम और सभी का सम्मान 
सूर्य नमस्कार , योग , आसन और ध्यान 
समय पर सोना , समय पर उठना , नियमित चलना
व्रत उपवास करना ,  पाना धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान 
हँसना - मुस्कुराना , खुशियाँ लुटाना 
तन - मन में ताजगी भर जीवन बना देता आसान
स्वस्थ जीवन की होती यह भी एक पहचान 
हमारे यहां स्वस्थ रहने का अलग है अंदाज 
जिसे अपना रहे कई विदेशी भी आज 
पर हम भीड़ में कहीं खो गए हैं 
health के नाम पर अपनी विरासत से दूर हो गए हैं 
दादी नानी के नुस्खे किताबों में सीमित हो गए हैं 
healthy रहने के लिए अब ये भी try करना होगा 
अपना देश अपनी जीवन-शैली को फिर से दैनिक क्रम में शामिल करना होगा 
अपनी स्वस्थ जीवन-शैली से आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करना होगा 

अलका डांगी 




Sunday, March 17, 2024

वोट. !!

वोट 

कहीं धर्म के नाम पर सियासत 
तो कहीं पार्टी बदलकर हुकूमत के लिए हो रही कवायद 
कहीं इतिहास के पन्ने पलटे जा रहे हैं 
कहीं आरोप प्रत्यारोप मढ़े जा रहे हैं 
सदियों पुरानी हरकतों पर  आज फिर सवाल किए जा रहे हैं 
ज़ख्म जो भर  चुके थे उन्हें कुरेद कर अपने स्वार्थ साधे जा रहे हैं 
वोट की राजनीति से है सभी को मतलब 
आखिर आम आदमी से किसीको क्या निस्बत 

कहीं पर तानाशाही और कूटनीति जैसी नागवार हरक़त 
और कहीं प्रचार - प्रसार और सोशल मीडिया के  प्रयोग से निरंतर पा रहे बरकत 
नजरअंदाज  करते करोड़ों लोगों की मुश्किलें अनेक 
पकड़ जब रखते हैं सिर्फ अपने  मतलब का मुद्दा एक 
खिलाफ़त की  भी कोई  कर नहीं सकता जुर्रत 
कि हुकूमत के लिए आपस में जुड़ जाती है कई सारी ताकत 

खैर इसका भी एक दिन होगा अंत जरूर 
टूट जाता है एक दिन झूठा अहम और गुरूर 
ये राजनीति है आज इधर तो कल उधर 
कुर्सी के नशे में है अभी सब चूर 
और किसी पर वफादारी का छा रहा सुरूर 
देशभक्ति का वास्ता देकर हो रहा हर कोई मगरूर 
कौन कितना पानी में ये तो आने वाला वक़्त बतायेगा 
बस हमारी स्वतंत्रता और आजादी पर आँच न आने पाए 
इसलिए सोच समझकर अपना कीमती वोट देकर जरूर आइएगा 

अलका डांगी