Monday, January 20, 2020
भावना
Saturday, December 28, 2019
राजनीति!!
Friday, December 20, 2019
संयुक्त और एकल परिवार
Nuclear family! पता नहीं ये शब्द कहाँ से आया और किसने इसकी खोज की पर जिस तरह इसे हीन दृष्टि से देखा जाता है, वो एकल परिवारवालों के दिलों पर चोट करती है संयुक्त परिवार हो या एकल परिवार, परिवार आखि़र परिवार ही होता है |आपसी संबंध, जिम्मेदारियाँ, उतार- चढ़ाव, लड़ाई - झगड़े, ये तो हर एक परिवार का अभिन्न अंग है, तो फिर एकल परिवार को अपनी नजरों से उतार कर संयुक्त परिवार को ही महत्व क्यूँ दिया जाता है?
कोई नहीं चाहता की वो अपने घर-परिवार से दूर अकेला रैन बसेरा करे | जब आदमी उच्च शिक्षण, नौकरी या व्यापार के लिये परिवार से दूर बसता है तो इन सबके पिछे कोई वजह होती है | दूर रहकर भी वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है और समय निकालकर अपने परिवार वालों के साथ समय व्यतीत करने के सपने दिल में संजोए रखता है |
कुछ एक सम्बंध होते है ऐसे जहां माता पिता या किसी अन्य परिवार वालों से मतभेद या अनबन हो जाती है और सबकी सुख - शांति के लिए व्यक्ति चला जाता है अकेला अपना निर्वाह करने पर उसे भी अपने दिल पर पत्थर रख कर ऐसा करना पड़ता है
संयुक्त परिवार में जिम्मेदारियां बंट जाती है, सुख - दुख में एक दूसरे का सहारा मिल जाता है, बच्चे बड़े हो जाते सुख दुख में मिलकर रहना सीखते हैं , सगाई और शादी जैसे महत्वपूर्ण काम संपूर्ण रीति रिवाज और बिना किसी रुकावट के संपन्न हो जाते हैं , एक ही आदमी को सारा बोझ नहीं उठाना पड़ता है |
वहीं एकल परिवार में घर - परिवार की जिम्मेदारी अकेले ही निभानी पड़ती है चाहे वो बच्चों को पढ़ा लिखा कर बड़ा करना हो या कोई सुख दुख का समय हो.. और पूरी जिंदगी ये सिद्ध करने में गुजर जाती है की हम भी परिवार से उतना ही प्यार करते हैं और उतना ही साथ रहना पसंद करते हैं बस फर्क़ इतना है कि हम दूर हैं इसलिए आप यहाँ आकर हमारे साथ रहना पसंद कम करते हैं और हम चाहकर भी साथ नहीं रह सकते
ये बात और है कि दोनों परिवार में रहने वालों के अपने अपने अलग दृष्टिकोण है परंतु हमेशा तव्वजो संयुक्त परिवार वालों को ही मिलती है
काश ये बात भारत की संस्कृति में रहने वालों को समझ आये और परिवार को एकल और संयुक्त की नजरों से तोलना बंद कर दें
अलका डांगी
Thursday, December 19, 2019
जिद्द
Sunday, November 24, 2019
बचपन
Wednesday, October 9, 2019
अमिताभ बच्चन - सदी के महानायक
सदी के महानायक हैं
जिनके लाखों चाहक है
आदमी वो बेमिसाल
कला की है एक मिसाल
अपनी पहचान आप बनाई
मेहनत और लगन से कर के सगाई
इज़्ज़त और शौहरत खुब कमाई
अपनी छवि ज़न ज़न के मन में बसाई
जीवन में देखे कई उतार चढ़ाव
थककर लाए नहीं कोई ठहराव
हँसकर पार किया हर पड़ाव
अपने उच्च मनोबल का छोड़ा प्रभाव
बच्चे बुजुर्ग या हो जवान
सभी करते आपका सम्मान
आदर्श हैं आप सभी के
ऐसी आपकी प्रेरणा महान
आपके जन्मदिन की देते है ढेरों शुभकामना
आपका प्रेम सदा हम पर रहे यूं ही बना
तन - मन यूँ ही स्वस्थ रहे
जीवन में खुशियाँ आए सौगुना
अलका डांगी
Wednesday, September 25, 2019
पर्यावरण
पर्यावरण की रक्षा में हम भी एक कदम उठाते हैं
चलो मिलकर आज एक पेड़ लगाते हैं
सृष्टि की संरचना को जिंदा रखना है
प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से बचना है
वर्तमान और भविष्य को उज्जवल करना है
आओ समय रहते चेत जाते हैं
पर्यावरण की रक्षा में हम भी एक कदम उठाते हैं
समय के साथ जरूर चलना है
पर बढ़ते हुए प्रदुषण को नियंत्रण करना है
आधुनिक यंत्र - तंत्र आज की जरूरत है
पर इसकी सीमा - मर्यादा को भी समझना है
इसके पहले की ये हमें हानि पहुंचाते हैं
पर्यावरण की रक्षा में हम भी एक कदम उठाते हैं
पेड़ - पौधें तो पशु - पक्षियों का आशियाना है
फल - फुल और जड़ी बूटियों का खजाना है
इनकी जरूरत को सबने जाना और माना है
हम सबको मिलकर इनका अस्तित्व बचाना है
चलो भावी पीढ़ी के लिए ये सौगात छोड जाते हैं
पर्यावरण की रक्षा में हम भी एक कदम उठाते हैं
चलो मिलकर आज एक पेड़ लगाते हैं
अलका डांगी